देहरादून: उत्तराखंड में निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। प्रदेश में आगामी अप्रैल 2026 से ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) अभियान शुरू होगा। पहाड़ टाइम्स 24 की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने इसकी रणनीति साझा की। उन्होंने नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा भी की।
SIR के माध्यम से मतदाता सूची (Voter List) को पूरी तरह शुद्ध किया जाता है।
सामान्य पुनरीक्षण में केवल नाम जोड़े जाते हैं, लेकिन SIR में घर-घर जाकर डेटा का क्रॉस-चेक किया जाता है।
यही कारण है कि इसे सबसे सटीक प्रक्रिया माना जाता है।
इस अभियान के दौरान सत्यापन का कार्य कई चरणों में पूरा होगा:
घर जाकर जांच: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्रत्येक घर जाएंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता उसी पते पर रहता है या नहीं।
मृत मतदाताओं की छंटनी: यदि किसि मतदाता की मृत्यु हो चुकी है, तो उसका नाम सूची से हटाया जाएगा।
नए पंजीकरण: इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम प्राथमिकता से जोड़े जाएंगे।
डेटा अपडेट: इस दौरान मतदाता पहचान पत्र में पुरानी फोटो और पते की गलतियों को भी सुधारा जाएगा।
डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने डिजिटलाइजेश पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कागजी काम के बजाय डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।
सीईओ ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपर सचिव ग्राम्य विकास को तकनीकी युवाओं की सूची जल्द तैयार करने को कहा। साथ ही, दोनों मंडलों के आयुक्तों को मैपिंग कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन आधिकारिक वेबसाइट लिंक – https://ceodelhi.gov.in/SIR2025.aspx
हेल्पलाइन नंबर – 1950
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